अजित पवार का अंतिम संस्कार: पत्नी ने गंगाजल चढ़ाया, बेटों ने दी मुखाग्नि; गन सैल्यूट के साथ दी गई अंतिम विदाई

बारामती/मुंबई/नई दिल्ली। महाराष्ट्र के पूर्व उपमुख्यमंत्री अजित पवार का गुरुवार को बारामती के काटेवाड़ी स्थित विद्या प्रतिष्ठान मैदान में राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। उनके दोनों पुत्र पार्थ पवार और जय पवार ने पिता को मुखाग्नि दी। इस दौरान सेना की ओर से गन सैल्यूट देकर उन्हें अंतिम विदाई दी गई।

पत्नी सुनेत्रा पवार ने अपने पति के पार्थिव शरीर पर गंगाजल अर्पित कर भावुक विदाई दी। अजित पवार के पार्थिव शरीर को तिरंगे में लपेटकर अंतिम संस्कार स्थल लाया गया था। पूरे क्षेत्र में शोक और संवेदना का माहौल रहा।

अंतिम संस्कार में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) प्रमुख शरद पवार, उनकी बेटी सुप्रिया सुले, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, महाराष्ट्र और देश के कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। इसके अलावा विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि, सामाजिक संगठनों के सदस्य और हजारों की संख्या में समर्थक भी पहुंचे।

समर्थकों की भारी भीड़, यातायात प्रभावित

अजित पवार को अंतिम विदाई देने के लिए महाराष्ट्र ही नहीं, बल्कि अन्य राज्यों से भी लोग बारामती पहुंचे। देर रात से ही समर्थकों का पहुंचना शुरू हो गया था। सुबह के समय कई इलाकों में भारी जाम की स्थिति बन गई।

समर्थक बाइक, बस, ट्रैक्टर-ट्रॉली और निजी वाहनों से अंतिम यात्रा में शामिल हुए। अंतिम संस्कार स्थल तक एक से दो किलोमीटर लंबा जनसैलाब नजर आया।

प्लेन क्रैश में हुआ था निधन

अजित पवार का बुधवार सुबह एक चार्टर्ड विमान हादसे में निधन हो गया था। उनका विमान सुबह करीब 8:45 बजे बारामती एयरपोर्ट पर लैंडिंग के दौरान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस हादसे में अजित पवार सहित कुल पांच लोगों की मौत हुई, जिनमें उनके सुरक्षाकर्मी, दो पायलट और एक महिला क्रू सदस्य शामिल थे। अजित पवार की उम्र 66 वर्ष थी।

वे 5 फरवरी को पुणे में होने वाले जिला परिषद चुनावों को लेकर चार रैलियों को संबोधित करने वाले थे। उनके अचानक निधन से महाराष्ट्र की राजनीति में शोक की लहर दौड़ गई।

तीन दिन का राजकीय शोक घोषित

अजित पवार के निधन पर महाराष्ट्र सरकार ने तीन दिन का राजकीय शोक घोषित किया है। इस दौरान सभी सरकारी भवनों पर राष्ट्रीय ध्वज आधा झुका रहेगा और कोई भी आधिकारिक समारोह आयोजित नहीं किया जाएगा।

कैसे हुआ विमान हादसा, 7 बिंदुओं में समझें

बारामती एयरफील्ड एक अनकंट्रोल्ड एयरफील्ड है, जहां एयर ट्रैफिक कंट्रोल की जगह फ्लाइंग ट्रेनिंग ऑर्गनाइजेशन के इंस्ट्रक्टर ट्रैफिक की जानकारी देते हैं।
विमान ने सुबह 8:18 बजे बारामती से पहला संपर्क किया।
लैंडिंग साइट से करीब 30 नॉटिकल माइल दूर विमान ने दोबारा संपर्क किया।
पुणे अप्रोच ने विमान को विजुअल मेट्रोलॉजिकल कंडीशन में उतरने की अनुमति दी।
पायलट ने बताया कि रनवे नजर नहीं आ रहा है और विमान ने हवा में चक्कर लगाया।
कुछ देर बाद रनवे दिखने की सूचना दी गई और लैंडिंग की अनुमति मिली।
सुबह 8:44 बजे रनवे के पास आग की लपटें देखी गईं, जिसके बाद मलबा रनवे से करीब 50 मीटर दूर मिला।

इस हादसे की जांच अब एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) कर रहा है।


निष्कर्ष

अजित पवार का आकस्मिक निधन न केवल महाराष्ट्र, बल्कि देश की राजनीति के लिए एक बड़ी क्षति है। उनके अंतिम संस्कार में उमड़ा जनसैलाब इस बात का प्रमाण है कि वे जनमानस में कितनी गहरी पकड़ रखते थे। विमान हादसे की जांच से आने वाले समय में कई अहम तथ्य सामने आने की उम्मीद है, वहीं महाराष्ट्र ने एक अनुभवी और प्रभावशाली नेता को खो दिया है।

Written By

Chanchal Rathore

Desk Reporter

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