PM Modi–Venezuela Talks: अमेरिकी सैन्य कार्रवाई के बाद पहली बार पीएम मोदी ने वेनेजुएला की कार्यवाहक राष्ट्रपति से की बात, साझेदारी पर मंथन

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को वेनेजुएला की कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज से फोन पर बातचीत की। इस दौरान दोनों नेताओं के बीच भारत–वेनेजुएला द्विपक्षीय साझेदारी को और मजबूत करने को लेकर व्यापक चर्चा हुई। यह बातचीत ऐसे समय पर हुई है, जब वेनेजुएला गंभीर राजनीतिक संकट के दौर से गुजर रहा है।

खास बात यह है कि अमेरिका की सैन्य कार्रवाई और अपदस्थ राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी के बाद यह पहली बार है, जब भारत और वेनेजुएला के शीर्ष नेतृत्व के बीच औपचारिक संवाद हुआ है।


बदले राजनीतिक हालात में हुई अहम बातचीत

प्रधानमंत्री मोदी और कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज के बीच हुई इस बातचीत को कूटनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सूत्रों के अनुसार, दोनों नेताओं ने

  • द्विपक्षीय सहयोग

  • ऊर्जा, व्यापार और निवेश

  • वैश्विक और क्षेत्रीय मुद्दों
    पर विचारों का आदान-प्रदान किया।

भारत ने इस बातचीत के जरिए वेनेजुएला में बदलते राजनीतिक हालात के बीच संवाद और सहयोग का रास्ता खुला रखने का संकेत दिया है।


मादुरो की गिरफ्तारी के बाद पहली उच्चस्तरीय बातचीत

यह बातचीत ऐसे समय हुई है, जब वेनेजुएला के पूर्व राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को अमेरिकी सैन्य कार्रवाई के बाद गिरफ्तार कर न्यूयॉर्क ले जाया गया। वहां उनके खिलाफ कानूनी प्रक्रिया शुरू की गई है।

मादुरो की गिरफ्तारी के बाद वेनेजुएला में सत्ता संतुलन तेजी से बदला और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी हलचल मच गई। इसी पृष्ठभूमि में प्रधानमंत्री मोदी और डेल्सी रोड्रिगेज की यह बातचीत वैश्विक नजरों में अहम मानी जा रही है।


डेल्सी रोड्रिगेज ने दो दिन बाद संभाला था कार्यभार

डेल्सी रोड्रिगेज ने 5 जनवरी को वेनेजुएला की कार्यवाहक राष्ट्रपति के रूप में पदभार संभाला था
इससे दो दिन पहले ही अमेरिकी सेना ने तत्कालीन राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को हिरासत में लिया था।

डेल्सी रोड्रिगेज इससे पहले वेनेजुएला सरकार में उपराष्ट्रपति और विदेश मंत्री जैसे अहम पदों पर रह चुकी हैं और उन्हें सत्ता के भीतर एक प्रभावशाली नेता माना जाता है।


भारत–वेनेजुएला संबंधों का महत्व

भारत और वेनेजुएला के बीच

  • ऊर्जा क्षेत्र

  • कच्चे तेल का आयात

  • फार्मा और कृषि सहयोग

जैसे क्षेत्रों में लंबे समय से संबंध रहे हैं। मौजूदा राजनीतिक संकट के बावजूद भारत ने हमेशा संवाद, संप्रभुता और शांतिपूर्ण समाधान के सिद्धांतों पर जोर दिया है।

प्रधानमंत्री मोदी की यह पहल भारत की संतुलित और व्यावहारिक विदेश नीति को दर्शाती है।


निष्कर्ष:

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और वेनेजुएला की कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज के बीच हुई यह बातचीत केवल औपचारिक संवाद नहीं, बल्कि बदलते वैश्विक राजनीतिक परिदृश्य में भारत की सक्रिय कूटनीति का संकेत है। अमेरिकी कार्रवाई और सत्ता परिवर्तन के बाद यह संपर्क दोनों देशों के संबंधों को नई दिशा दे सकता है। आने वाले दिनों में भारत–वेनेजुएला रिश्तों को लेकर और स्पष्ट तस्वीर सामने आने की उम्मीद है।

Written By

Chanchal Rathore

Desk Reporter

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