4000 से ज्यादा बच्चों ने एक साथ किया CPR अभ्यास, जयपुर में बने दो गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड

जयपुर: कोविड के बाद अचानक हृदयगति रुकने (Sudden Cardiac Arrest) से होने वाली मौतों में तेजी से इजाफा हुआ है। खास बात यह है कि इन मामलों में युवाओं की संख्या अधिक देखी जा रही है। ऐसे में कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन (CPR) समय पर मिलने पर जान बचाने में अहम भूमिका निभा सकता है।

सीपीआर के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से बुधवार सुबह 10 बजे जयपुर के नेवटा स्थित सेंट जेवियर्स कैंपस में एक ऐतिहासिक कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें 4000 से अधिक स्कूली बच्चों सहित कुल 4317 लोगों ने भाग लिया।

2000 मानव प्रतिरूपों पर एक साथ अभ्यास

कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों ने 2000 ह्यूमन मैनिकिन्स (मानव प्रतिरूपों) पर एक ही समय और एक ही स्थान पर सीपीआर का अभ्यास किया। इस अभूतपूर्व आयोजन के साथ दो गिनीज बुक वर्ल्ड रिकॉर्ड कायम किए गए।

पहला रिकॉर्ड –
एक ही स्थान पर सीपीआर रिले में सबसे अधिक लोगों की भागीदारी

दूसरा रिकॉर्ड –
एक ही स्थान पर सबसे अधिक मानव प्रतिरूपों पर सीपीआर अभ्यास

पुराने रिकॉर्ड टूटे

इससे पहले सीपीआर रिले में भागीदारी का रिकॉर्ड 29 सितंबर 2024 को बेंगलुरू में 3319 लोगों के नाम था, जबकि मानव प्रतिरूपों पर अभ्यास का रिकॉर्ड 25 मार्च 2000 को इंग्लैंड के शेफील्ड में 278 मैनिकिन्स का था।

मनमोहन अग्रवाल और डॉ. वीके जैन का नेतृत्व

यह कार्यक्रम जयपुर वर्ल्ड रिकॉर्ड कार्निवल के फाउंडर और सात बार के गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड धारक मनमोहन अग्रवाल के नेतृत्व में आयोजित हुआ। कार्यक्रम का मार्गदर्शन देशभर में CPR Doctor of India के नाम से प्रसिद्ध डॉ. वीके जैन ने किया।

गिनीज बुक की आधिकारिक पुष्टि

गिनीज बुक वर्ल्ड रिकॉर्ड की ओर से इस आयोजन के पंजीकरण और सत्यापन के लिए आरएएस अधिकारी रणवीर सिंह परिहार और मुख्यमंत्री के विशेषाधिकारी गोविंद नारायण पारीक को अधिकृत किया गया था।
रणवीर सिंह परिहार ने दोनों रिकॉर्ड की पुष्टि करते हुए कहा कि सीपीआर का प्रशिक्षण लेकर बच्चे किसी के लिए देवदूत बन सकते हैं।

स्कूलों में अनिवार्य हो सीपीआर प्रशिक्षण

डॉ. वीके जैन ने कहा कि विदेशों में जिस तरह स्कूलों में सीपीआर प्रशिक्षण अनिवार्य है, उसी तरह भारत में भी इसे पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाया जाना चाहिए।
मनमोहन अग्रवाल ने कहा कि यह रिकॉर्ड केवल आंकड़ों के लिए नहीं, बल्कि स्कूलों में सीपीआर को अनिवार्य करने की मांग को मजबूती देने का माध्यम है।

विशिष्ट अतिथि रहे मौजूद

कार्यक्रम में विश्व हिंदी साहित्य परिषद के चांसलर डॉ. एचसीएल गणेशिया, सेवानिवृत्त आईएएस पुरुषोत्तम बियानी, भाजपा नेता पं. सुरेश मिश्रा, सेंट जेवियर्स कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. ए. स्वामी, सेंट जेवियर्स सीनियर सेकेंडरी स्कूल के प्रिंसिपल डोमिनिक ए., सेंट जेवियर्स स्कूल नेवटा के प्रिंसिपल संगीत राज, शिक्षक, कर्मचारी, छात्र-छात्राएं और अभिभावक उपस्थित रहे।


निष्कर्ष

जयपुर के सेंट जेवियर्स कैंपस में आयोजित यह आयोजन केवल दो गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसने सीपीआर जैसे जीवनरक्षक कौशल को जन-आंदोलन का रूप देने की दिशा में बड़ा कदम बढ़ाया है। बच्चों की भागीदारी ने यह साबित कर दिया कि सही प्रशिक्षण से हर नागरिक जीवनरक्षक बन सकता है।

Written By

Chanchal Rathore

Desk Reporter

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