राज्यसभा में PM मोदी की स्पीच के दौरान विपक्ष का वॉकआउट: बोले– इनके दौर में डील का मतलब बोफोर्स था, आज डील देश का गर्व है

नई दिल्ली: राज्यसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भाषण के समय जबरदस्त हंगामा देखने को मिला। जैसे ही प्रधानमंत्री मोदी ने अपनी बात रखनी शुरू की, विपक्षी सांसदों ने नारेबाजी शुरू कर दी और राहुल गांधी को बोलने देने की मांग करते हुए सदन में विरोध जताया।

नारेबाजी के बीच विपक्षी सांसदों ने कहा— “तानाशाही नहीं चलेगी”। इस पर प्रधानमंत्री मोदी ने तंज कसते हुए कहा कि खड़गे जी की उम्र को देखते हुए उन्हें बैठकर भी नारे लगाने की अनुमति दी जानी चाहिए, ताकि उन्हें कोई तकलीफ न हो। इसके बाद विपक्ष ने सदन से वॉकआउट कर दिया।

विपक्ष पर तीखा हमला, बोफोर्स का जिक्र

वॉकआउट के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने कांग्रेस और विपक्षी दलों पर सीधा हमला बोला। उन्होंने कहा कि
“टीएमसी, कांग्रेस, लेफ्ट और डीएमके दशकों तक केंद्र की सत्ता में रहे। उनकी पहचान क्या बनी? उनके वक्त डील का मतलब बोफोर्स होता था। आज डील देश के लिए गर्व का विषय बन गई है।”

प्रधानमंत्री ने कहा कि कांग्रेस के पास न कभी दूरदृष्टि थी, न स्पष्ट नीति और न ही इच्छाशक्ति। उसी का खामियाजा देश को वर्षों तक भुगतना पड़ा। उन्होंने कहा कि आज की सरकार नीति, नीयत और नेतृत्व के साथ काम कर रही है, जिसकी वजह से दुनिया भारत के साथ व्यापारिक समझौते करने को उत्सुक है।

लोकसभा में भी टली PM की स्पीच

बुधवार शाम 5 बजे प्रधानमंत्री मोदी को लोकसभा में भी राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर जवाब देना था, लेकिन विपक्ष के भारी हंगामे के चलते लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने उनका भाषण टाल दिया।

स्पीकर ने कहा कि सदन में प्रधानमंत्री की मौजूदगी के दौरान कोई अप्रत्याशित घटना हो सकती थी, इसलिए एहतियातन यह फैसला लिया गया। हंगामे के बीच ही धन्यवाद प्रस्ताव पारित कर दिया गया।

यह 2004 के बाद पहली बार हुआ है जब राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव प्रधानमंत्री के भाषण के बिना लोकसभा में पास हुआ।

महिला सांसदों का घेराव, बैनर के साथ विरोध

लोकसभा में हंगामे के दौरान विपक्ष की महिला सांसदों ने सत्तापक्ष की कुर्सियों का घेराव कर लिया, जिसमें प्रधानमंत्री मोदी की कुर्सी भी शामिल थी। सांसदों के हाथों में बैनर थे, जिन पर लिखा था—
“जो सही है, वो करो”।

ये सांसद मंगलवार को हंगामे के बाद 8 विपक्षी सांसदों के निलंबन का विरोध कर रही थीं। हालात बिगड़ते देख स्पीकर ने कार्यवाही स्थगित कर दी।

ANI का दावा – हमले की आशंका

न्यूज़ एजेंसी ANI ने सूत्रों के हवाले से दावा किया कि कांग्रेस की ओर से प्रधानमंत्री पर हमला करने की योजना की जानकारी स्पीकर को मिली थी। इसी आशंका के चलते प्रधानमंत्री से सदन में न आने का आग्रह किया गया और कार्यवाही स्थगित की गई।


निष्कर्ष

राज्यसभा और लोकसभा में एक ही दिन में हुए हंगामे ने संसद का माहौल पूरी तरह गरमा दिया। प्रधानमंत्री मोदी का बोफोर्स और डील को लेकर दिया गया बयान सियासी बहस को और तेज कर सकता है। वहीं, विपक्ष का वॉकआउट और प्रधानमंत्री के बिना धन्यवाद प्रस्ताव का पास होना संसदीय इतिहास में एक असामान्य और महत्वपूर्ण घटना बन गया है।

Written By

Chanchal Rathore

Desk Reporter

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