भिवाड़ी में केमिकल-पटाखा फैक्ट्री में भीषण धमाका! 8 मजदूर जिंदा जले, अंदर मिले कंकाल और बारूद

सुबह की शिफ्ट बनी काल… डेढ़ घंटे में काबू, लेकिन 8 की मौत

भिवाड़ी: के खुशखेड़ा-करौली इंडस्ट्रियल एरिया में सोमवार सुबह करीब साढ़े 9 बजे केमिकल-पटाखा फैक्ट्री में भीषण आग लग गई। उस समय अंदर लगभग 25 मजदूर काम कर रहे थे। आग पर करीब डेढ़ घंटे की मशक्कत के बाद काबू पाया गया, लेकिन तब तक 8 मजदूरों की जिंदा जलकर मौत हो चुकी थी। 2 मजदूर गंभीर रूप से झुलस गए, जिन्हें दिल्ली स्थित AIIMS रेफर किया गया है।


जले शवों की हालत भयावह, पहचान में दिक्कत

रेस्क्यू टीम को अंदर से बुरी तरह जले शव मिले। कई शव कंकाल में बदल चुके थे। घटनास्थल पर शरीर के जले हुए हिस्से बिखरे मिले, जिन्हें पॉलीथीन में एकत्र किया गया। प्रशासन ने बताया कि पहचान की प्रक्रिया डीएनए और रिकॉर्ड मिलान के आधार पर की जाएगी।

दोपहर करीब 12:30 बजे कलेक्टर अर्तिका शुक्ला मौके पर पहुंचीं। उन्होंने प्रारंभिक जांच के आधार पर कहा कि फैक्ट्री में “छोटे एक्सप्लोसिव मटेरियल” के संकेत मिले हैं, गैस रिसाव की पुष्टि नहीं हुई है। 5 मृतकों की पहचान बिहार के मोतिहारी निवासी मजदूरों के रूप में हुई है; शेष की जानकारी जुटाई जा रही है।


फैक्ट्री में केमिकल के साथ पटाखा निर्माण के संकेत

रेस्क्यू के दौरान अंदर से पटाखों के डिब्बे और बारूद मिलने की जानकारी सामने आई है। बताया जा रहा है कि यहां केमिकल के साथ पटाखों का निर्माण भी किया जाता था। फैक्ट्री मालिक का नाम राजेंद्र बताया गया है। पुलिस यह जांच कर रही है कि आवश्यक लाइसेंस और सुरक्षा मानकों का पालन हुआ था या नहीं।


दमकल, पुलिस और फॉरेंसिक टीम मौके पर

खुशखेड़ा और भिवाड़ी रीको फायर स्टेशन से दमकल की गाड़ियां तुरंत मौके पर पहुंचीं। एडीएम सुमिता मिश्रा के अनुसार, गश्त के दौरान पुलिस को आग की सूचना मिली और तत्काल रेस्क्यू शुरू किया गया।

मौके पर फॉरेंसिक टीम और मोबाइल लैब मौजूद है। सैंपल लिए जा रहे हैं ताकि आग के वास्तविक कारण—शॉर्ट सर्किट, केमिकल रिएक्शन या विस्फोट—का पता लगाया जा सके।


प्रशासनिक अमला अलर्ट मोड पर

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। राहत और बचाव के साथ-साथ क्षेत्र को सील कर दिया गया है। आसपास की इकाइयों को एहतियातन खाली कराया गया। औद्योगिक क्षेत्र में सुरक्षा मानकों की व्यापक जांच के संकेत भी मिले हैं।


सुरक्षा मानकों पर उठे सवाल

औद्योगिक क्षेत्रों में ज्वलनशील केमिकल और पटाखा सामग्री के भंडारण-निर्माण के लिए सख्त सुरक्षा प्रोटोकॉल अनिवार्य होते हैं—अलग स्टोरेज, वेंटिलेशन, फायर-सेफ्टी सिस्टम और नियमित ऑडिट। प्रारंभिक तथ्यों ने इन मानकों के पालन पर सवाल खड़े कर दिए हैं। यदि लापरवाही पाई गई, तो फैक्ट्री प्रबंधन पर कड़ी कार्रवाई संभव है।


निष्कर्ष:

भिवाड़ी के खुशखेड़ा औद्योगिक क्षेत्र में हुआ यह हादसा औद्योगिक सुरक्षा की गंभीर चुनौती को उजागर करता है। 8 मजदूरों की दर्दनाक मौत और 2 की गंभीर हालत ने सुरक्षा व्यवस्थाओं, लाइसेंसिंग और निगरानी तंत्र पर सवाल खड़े कर दिए हैं। फॉरेंसिक जांच की रिपोर्ट के बाद ही आग के सटीक कारण स्पष्ट होंगे, लेकिन फिलहाल यह त्रासदी उद्योगों में कड़े सुरक्षा मानकों और सख्त अनुपालन की आवश्यकता की याद दिलाती है

Written By

Chanchal Rathore

Desk Reporter

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