दौसा में जनगणना 2026 की बड़ी तैयारी! ऐप से होगी डिजिटल एंट्री, कलेक्टर का सख्त निर्देश—डेटा रहे 100% सही

दौसा में जनगणना 2026 को लेकर प्रशासन सक्रिय

राजस्थान: के दौसा जिले में आगामी जनगणना को लेकर प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। जिला कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित दो दिवसीय जिला स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में अधिकारियों और कार्मिकों को डिजिटल माध्यम से जनगणना कार्य करने की ट्रेनिंग दी गई।

जिला कलेक्टर एवं प्रमुख जनगणना अधिकारी देवेंद्र कुमार ने स्पष्ट निर्देश दिए कि जनगणना से प्राप्त आंकड़े भविष्य की सरकारी योजनाओं, संसाधन आवंटन और नीति निर्धारण का आधार होते हैं। ऐसे में डेटा संग्रहण में शत-प्रतिशत सटीकता और पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए।


मोबाइल ऐप और पोर्टल के जरिए होगी डिजिटल एंट्री

जनगणना कार्य निदेशालय, जयपुर से नियुक्त राष्ट्रीय ट्रेनर मेघा शर्मा और मास्टर ट्रेनर ज्योति मीना ने नगरीय व ग्रामीण क्षेत्रों के चार्ज अधिकारियों और अतिरिक्त चार्ज अधिकारियों को तकनीकी प्रशिक्षण दिया।

ट्रेनिंग के दौरान निम्न डिजिटल प्लेटफॉर्म्स की जानकारी दी गई:

  • सीएमएमएस पोर्टल

  • एचएलबीसी वेब पोर्टल

  • एचएलओ मोबाइल ऐप

अधिकारियों को डिजिटल प्रविष्टि (Digital Entry) की पूरी प्रक्रिया, वेब पोर्टलों के संचालन और मोबाइल ऐप के व्यावहारिक उपयोग का प्रायोगिक प्रशिक्षण दिया गया। उन्हें यह भी बताया गया कि किस प्रकार रियल-टाइम डेटा एंट्री और मॉनिटरिंग से त्रुटियों को कम किया जा सकता है।


1 मई से शुरू होगी स्वगणना प्रक्रिया

एडीएम एवं जिला जनगणना अधिकारी अरविंद शर्मा ने बताया कि प्रथम चरण की कार्ययोजना के तहत:

  • स्वगणना (Self Enumeration): 1 मई से 15 मई तक

  • फील्ड कार्य (मकान सूचीकरण एवं मकान गणना): 16 मई से 14 जून तक

इस दौरान प्रत्येक क्षेत्र में घर-घर जाकर डेटा संग्रह किया जाएगा। मकान सूचीकरण, परिवार विवरण, सामाजिक-आर्थिक जानकारी और अन्य निर्धारित बिंदुओं पर सटीक जानकारी जुटाई जाएगी।


फील्ड अधिकारियों को दिए गए विशेष निर्देश

ट्रेनिंग में निम्न बिंदुओं पर विशेष जोर दिया गया:

  • प्रपत्रों का सही संधारण

  • डिजिटल एंट्री की बारीकियां

  • क्षेत्रवार गणना की प्रक्रिया

  • नागरिकों से प्रभावी संवाद

  • डेटा की गोपनीयता और सुरक्षा

कलेक्टर ने अधिकारियों से कहा कि जनगणना केवल एक प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि विकास की आधारशिला है। इसलिए किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।


डिजिटल जनगणना से क्या होगा फायदा?

  • डेटा एंट्री में तेजी

  • त्रुटियों में कमी

  • रियल-टाइम मॉनिटरिंग

  • पारदर्शिता और जवाबदेही में वृद्धि

  • नीति निर्माण के लिए सटीक आंकड़े

इस बार तकनीक के अधिक उपयोग से जनगणना प्रक्रिया को पहले से अधिक व्यवस्थित और प्रभावी बनाने का लक्ष्य रखा गया है।


निष्कर्ष:

दौसा में जनगणना 2026 को लेकर प्रशासन पूरी तरह सक्रिय नजर आ रहा है। डिजिटल प्लेटफॉर्म और मोबाइल ऐप के जरिए डेटा संग्रह की प्रक्रिया पारदर्शी और सटीक बनाने पर जोर दिया जा रहा है। कलेक्टर देवेंद्र कुमार के स्पष्ट निर्देशों से यह साफ है कि इस बार किसी भी प्रकार की त्रुटि की गुंजाइश नहीं छोड़ी जाएगी।

अब देखना होगा कि 1 मई से शुरू होने वाली स्वगणना और उसके बाद के फील्ड कार्य को अधिकारी किस दक्षता से पूरा करते हैं और क्या जिले का डेटा वाकई शत-प्रतिशत सटीक दर्ज हो पाता है।

Written By

Chanchal Rathore

Desk Reporter

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