बांग्लादेश हिंसा पर भारत की दो टूक: अल्पसंख्यकों का उत्पीड़न निंदनीय, सुरक्षा खतरे में—विदेश मंत्रालय

भारत: ने बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों के खिलाफ बढ़ती हिंसा और उत्पीड़न पर कड़ा रुख अपनाया है। विदेश मंत्रालय ने इसे गंभीर और निंदनीय बताते हुए कहा कि ऐसी घटनाएं न केवल सामाजिक सौहार्द को नुकसान पहुंचा रही हैं, बल्कि क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए भी खतरा बनती जा रही हैं।

शुक्रवार को विदेश मंत्रालय की साप्ताहिक प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि बांग्लादेश में चरमपंथी तत्वों द्वारा अल्पसंख्यकों, उनके घरों और व्यवसायों पर बार-बार हमले किए जा रहे हैं। यह एक चिंताजनक सिलसिला है, जिससे अल्पसंख्यक समुदाय में भय और असुरक्षा का माहौल गहराता जा रहा है।

‘अनदेखी अपराधियों को और बेखौफ बनाती है’

जायसवाल ने कहा कि ऐसी सांप्रदायिक घटनाओं से तत्काल और सख्ती से निपटना जरूरी है। उन्होंने चेतावनी दी कि इन घटनाओं को व्यक्तिगत रंजिश, राजनीतिक मतभेद या बाहरी कारणों से जोड़कर हल्के में लेना बेहद खतरनाक है। इससे अपराधियों का मनोबल बढ़ता है और अल्पसंख्यकों के बीच डर और असुरक्षा और मजबूत होती है।

अमेरिकी संसद में प्रस्तावित विधेयक पर प्रतिक्रिया

रूसी तेल की खरीद को लेकर अमेरिकी संसद में पेश किए जा रहे उस विधेयक पर भी विदेश मंत्रालय ने प्रतिक्रिया दी, जिसमें 500 प्रतिशत तक टैरिफ लगाने का प्रावधान है।
रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत इस प्रस्तावित विधेयक से अवगत है और घटनाक्रम पर बारीकी से नजर रखे हुए है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत की प्राथमिकता अपने 1.4 अरब नागरिकों की ऊर्जा सुरक्षा है और इसके लिए सस्ती और भरोसेमंद ऊर्जा विभिन्न स्रोतों से सुनिश्चित करना जरूरी है।

शक्सगाम घाटी में चीनी गतिविधियों पर विरोध

विदेश मंत्रालय ने शक्सगाम घाटी में चीन की विकास गतिविधियों पर भी कड़ा ऐतराज जताया। जायसवाल ने दोहराया कि शक्सगाम घाटी भारत का क्षेत्र है और वहां जमीनी हकीकत बदलने के किसी भी प्रयास के खिलाफ भारत लगातार चीनी पक्ष के समक्ष विरोध दर्ज कराता रहा है।

ताइवान के पास चीनी सैन्य अभ्यास पर चिंता

ताइवान के आसपास चीनी सैन्य अभ्यास को लेकर भारत ने संयम की अपील की है। जायसवाल ने कहा कि भारत हिंद-प्रशांत क्षेत्र में हो रहे घटनाक्रमों पर गहरी नजर रखे हुए है। इस क्षेत्र में शांति और स्थिरता भारत के व्यापारिक, आर्थिक और समुद्री हितों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। भारत सभी पक्षों से अपील करता है कि वे एकतरफा कदम उठाने से बचें और सभी विवादों को शांतिपूर्ण तरीके से हल करें।

जर्मन चांसलर भारत दौरे पर

प्रेस वार्ता में यह भी जानकारी दी गई कि जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज 12 और 13 जनवरी को भारत दौरे पर आएंगे। इस दौरान उनकी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ द्विपक्षीय बैठक होगी, जिसमें भारत-जर्मनी संबंधों को और मजबूत करने पर चर्चा की जाएगी।


निष्कर्ष:

बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों पर बढ़ती हिंसा को लेकर भारत ने साफ संदेश दिया है कि इस तरह की घटनाएं न केवल मानवाधिकारों का उल्लंघन हैं, बल्कि क्षेत्रीय स्थिरता के लिए भी गंभीर खतरा हैं। विदेश मंत्रालय ने एक ओर जहां बांग्लादेश में सांप्रदायिक हिंसा पर चिंता जताई, वहीं चीन, ताइवान, ऊर्जा सुरक्षा और वैश्विक राजनीति से जुड़े मुद्दों पर भारत के संतुलित और स्पष्ट रुख को भी सामने रखा।

Written By

Chanchal Rathore

Desk Reporter

Related News

All Rights Reserved & Copyright © 2015 By HP NEWS. Powered by Ui Systems Pvt. Ltd.

BREAKING NEWS
अर्नब चक्रवात का असर: राजस्थान में बारिश के साथ गिरे ओले, उत्तराखंड में बर्फबारी; ओडिशा में बाढ़-भूस्खलन से 3 की मौत | खाटूश्याम बाबा के दर्शन साढ़े 19 घंटे रहेंगे बंद, दीपावली पर मंदिर में होगी साफ-सफाई; जानें नया शेड्यूल | राजस्थान पंचायत चुनाव परिणाम: नीमकाथाना की 39 ग्राम पंचायतों में सरपंचों के नतीजे घोषित, सिरोही में सबसे बड़ी जीत | सरदार पटेल की 151वीं जयंती पर अमित शाह ने दी श्रद्धांजलि, बोले- 2029 तक देश को नशामुक्त बनाने का लक्ष्य | सरदार पटेल की 151वीं जयंती पर जयपुर में ‘रन फॉर यूनिटी’, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने दिलाई एकता की शपथ | चक्रवात अर्नब की ताजा अपडेट: कमजोर पड़ा चक्रवात अर्नब, राजस्थान से बिहार तक मौसम का अलर्ट; अंडमान सागर में नया सिस्टम सक्रिय | चुनाव आयोग का बड़ा फैसला: दिल्ली, महाराष्ट्र समेत 6 राज्यों में SIR की समयसीमा बढ़ाई, जानिए नई तारीखें | RSS के गढ़ नागपुर में कांग्रेस की जीत से BJP को झटका, पुणे में भी हारी; जानिए कहां बिगड़ा चुनावी गणित | भूटान में ग्लेशियर झील फटी, गासा का मशहूर गर्म पानी का कुंड बहा; भारत में बाढ़ का खतरा, बंगाल में 10 हजार लोग सुरक्षित स्थानों पर भेजे गए | मोदी नहीं, 'ओदी' कहिए... ज्ञानेश कुमार का नाम भी बदला, CJP नेता आशुतोष रांका ने समर्थकों को सिखाई कोड लैंग्वेज |