देशभर में मौसम का कहर: कहीं ओले, कहीं तूफान; IMD का अलर्ट—UP-Delhi को छोड़ पूरे भारत में बारिश

देशभर: में मौसम ने अचानक करवट ले ली है और कई राज्यों में आंधी, बारिश और ओलावृष्टि का दौर जारी है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार 18 मार्च से एक मजबूत पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो गया है, जिसके चलते देश के अधिकांश हिस्सों में मौसम बिगड़ गया है। मौसम विभाग ने उत्तर प्रदेश और दिल्ली को छोड़कर लगभग पूरे देश में बारिश और आंधी का यलो अलर्ट जारी किया है।

मौसम विभाग के अनुसार छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र के विदर्भ क्षेत्र में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है, जहां भारी बारिश की संभावना है। इसके अलावा हिमाचल प्रदेश और छत्तीसगढ़ के कुछ इलाकों में ओलावृष्टि की चेतावनी भी दी गई है।

कर्नाटक के धारवाड़ जिले के कालघाटगी इलाके में मौसम का अनोखा नजारा देखने को मिला। यहां भारी बारिश के साथ बड़े पैमाने पर ओले गिरे, जिससे सड़कें और घर सफेद चादर से ढक गए। स्थानीय लोगों ने इस इलाके को “मिनी कश्मीर” कहना शुरू कर दिया, क्योंकि चारों ओर बर्फ जैसी स्थिति बन गई थी।

उधर, उत्तर भारत के पहाड़ी राज्यों में भी मौसम का असर साफ दिखाई दे रहा है। जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और हिमाचल प्रदेश के ऊंचाई वाले इलाकों में लगातार बर्फबारी हो रही है। हिमाचल के कुल्लू, लाहौल-स्पीति और मनाली जैसे क्षेत्रों में तापमान में गिरावट दर्ज की गई है, जिससे जनजीवन प्रभावित हुआ है। कई सड़कों पर बर्फ जमने के कारण यातायात भी बाधित हुआ है।

उत्तराखंड के बदरीनाथ धाम और चमोली जिले में भी बर्फबारी के चलते पहाड़ों की चोटियां सफेद हो गई हैं। वहीं, लद्दाख के द्रास क्षेत्र में तापमान में भारी गिरावट आई है और पूरा इलाका बर्फ की मोटी परत से ढक गया है।

पूर्वोत्तर भारत में भी मौसम का असर कम नहीं है। मेघालय के रीभोई जिले में तेज आंधी और भारी बारिश के कारण 1028 घरों को नुकसान पहुंचा है और करीब 5000 लोग प्रभावित हुए हैं। सबसे ज्यादा नुकसान उमलिंग और जिरांग ब्लॉक के गांवों में हुआ है। प्रशासन राहत और बचाव कार्य में जुटा हुआ है।

मौसम विभाग के अनुसार अगले दो दिनों में स्थिति और गंभीर हो सकती है। 19 मार्च को हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और उत्तराखंड में हल्की से मध्यम बारिश और बर्फबारी जारी रह सकती है, जबकि कुछ जगहों पर भारी बारिश की भी संभावना है। पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और राजस्थान में गरज-चमक के साथ ओलावृष्टि और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।

20 मार्च को भी मौसम का यही मिजाज बना रह सकता है। उत्तराखंड और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में तेज हवाओं की गति 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है, जबकि झोंके 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक जा सकते हैं। इसके अलावा मध्य प्रदेश और राजस्थान में भी कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि की संभावना जताई गई है।

विशेषज्ञों का कहना है कि पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से इस तरह के मौसम में बदलाव आते हैं। हालांकि, यह बदलाव जहां एक ओर गर्मी से राहत देता है, वहीं दूसरी ओर किसानों के लिए चिंता का कारण भी बनता है, क्योंकि ओलावृष्टि से फसलों को भारी नुकसान हो सकता है।

कुल मिलाकर, देश के अधिकांश हिस्सों में मौसम का मिजाज बिगड़ा हुआ है और लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है। प्रशासन और आपदा प्रबंधन टीमें भी अलर्ट पर हैं ताकि किसी भी आपात स्थिति से निपटा जा सके।

Written By

Chanchal Rathore

Desk Reporter

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