चेक बाउंस केस में राजपाल यादव को बड़ी राहत: कोर्ट ने दिया आखिरी मौका, 1 अप्रैल तक जेल से बचाव

चेक बाउंस: मामले में फंसे बॉलीवुड अभिनेता राजपाल यादव को दिल्ली हाई कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। कोर्ट ने फिलहाल उन्हें जेल वापस भेजने से इनकार कर दिया है और बकाया राशि चुकाने के लिए 1 अप्रैल तक का अंतिम मौका दिया है। हालांकि कोर्ट ने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि अगली सुनवाई में कोई ढील नहीं दी जाएगी और मामले पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।

सुनवाई के दौरान अदालत ने यह माना कि राजपाल यादव ने अब तक बकाया राशि का एक बड़ा हिस्सा चुका दिया है, इसलिए उन्हें तुरंत जेल भेजना उचित नहीं होगा। लेकिन कोर्ट का रुख सख्त भी नजर आया, क्योंकि जज ने साफ कहा कि यह अभिनेता के लिए “आखिरी मौका” है।

इस मामले की अगली सुनवाई 1 अप्रैल को तय की गई है, जिसे टाला नहीं जाएगा। अदालत ने स्पष्ट कर दिया है कि उस दिन मामले का निर्णायक मोड़ सामने आएगा।

सुनवाई के दौरान राजपाल यादव के वकील ने अदालत को बताया कि उनके मुवक्किल ने शिकायतकर्ता कंपनी ‘मुरली प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड’ को अब तक करीब 4.25 करोड़ रुपये चुका दिए हैं। इसके अलावा, आज अदालत में 25 लाख रुपये का एक और डिमांड ड्राफ्ट जमा किया गया।

इस बीच, राजपाल यादव की अंतरिम जमानत की अवधि समाप्त हो रही थी, जिसे देखते हुए उनके वकील ने नियमित जमानत की अर्जी भी दाखिल की। अदालत ने इस पर भी विचार किया और फिलहाल राहत देते हुए उन्हें जेल जाने से बचा लिया।

सुनवाई के दौरान अदालत ने राजपाल यादव से सीधे सवाल किया कि क्या उन्होंने संबंधित पक्ष से लोन लिया था। इस पर अभिनेता ने स्वीकार किया कि उन्होंने कर्ज लिया था। अदालत ने टिप्पणी करते हुए कहा कि उन्हें पहले भी कई मौके दिए गए थे, लेकिन उन्होंने समय पर भुगतान नहीं किया।

राजपाल यादव ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि 2016 के आदेश के अनुसार उन्हें 10.40 करोड़ रुपये चुकाने थे। उन्होंने दावा किया कि उन्होंने एक मित्र की 28 करोड़ रुपये की संपत्ति के दस्तावेज भी सुरक्षा के रूप में दिए थे। अभिनेता ने यह भी आरोप लगाया कि शिकायतकर्ता पक्ष पैसे वापस लेने से ज्यादा उन्हें जेल भेजने में रुचि रखता है।

उन्होंने यह भी कहा कि जेल जाने के कारण उन्हें भारी आर्थिक नुकसान हुआ। उनके अनुसार, इस वजह से उन्हें एक फिल्म प्रोजेक्ट में करीब 22 करोड़ रुपये का नुकसान उठाना पड़ा, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति और खराब हो गई।

यह मामला 2010 में बनी फिल्म ‘अता पता लापता’ से जुड़ा है, जिसके लिए राजपाल यादव ने बिजनेसमैन माधव गोपाल अग्रवाल से 5 करोड़ रुपये का कर्ज लिया था। समय के साथ ब्याज और पेनल्टी के कारण यह रकम बढ़कर करीब 9 करोड़ रुपये हो गई।

इस मामले में कार्रवाई के तहत राजपाल यादव ने 5 फरवरी को दिल्ली की तिहाड़ जेल में सरेंडर किया था। वे करीब 12 दिनों तक जेल में रहे और 17 फरवरी को उन्हें अंतरिम जमानत पर रिहा किया गया।

अब कोर्ट ने उन्हें एक अंतिम अवसर देते हुए चेतावनी दी है कि यदि वे निर्धारित समय तक पूरी राशि का भुगतान नहीं करते हैं, तो उन्हें फिर से जेल जाना पड़ सकता है।

यह मामला केवल एक अभिनेता की कानूनी परेशानी नहीं है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि वित्तीय मामलों में लापरवाही किस तरह गंभीर परिणाम ला सकती है। अदालत का सख्त रुख यह स्पष्ट करता है कि कानून के सामने सभी बराबर हैं, चाहे वह आम नागरिक हो या कोई प्रसिद्ध हस्ती।

Written By

Chanchal Rathore

Desk Reporter

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