केंद्र का मेगा प्लान: 100 इंडस्ट्रियल पार्क को मंजूरी, नरेंद्र मोदी सरकार का ₹33,660 करोड़ का बड़ा दांव

देश: में औद्योगिक विकास को नई रफ्तार देने के लिए केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में ‘BHAVYA’ (भारत औद्योगिक विकास योजना) को मंजूरी दी गई है। इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत देशभर में 100 इंडस्ट्रियल पार्क विकसित किए जाएंगे, जिन पर कुल 33,660 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे।

केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि इन इंडस्ट्रियल पार्क्स को अत्याधुनिक सुविधाओं के साथ तैयार किया जाएगा। उद्योगों को जमीन, बिजली, पानी, सड़क कनेक्टिविटी और लॉजिस्टिक्स जैसी सभी जरूरी सुविधाएं पहले से उपलब्ध कराई जाएंगी, जिससे निवेशकों को आसानी होगी और उद्योग लगाने की प्रक्रिया तेज होगी।

सरकार का मानना है कि ‘BHAVYA’ योजना से देश में घरेलू और विदेशी निवेश को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही, बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे, जिससे आर्थिक विकास को गति मिलेगी।

इसी बैठक में उत्तर प्रदेश के लिए एक बड़ी इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजना को भी मंजूरी दी गई। बाराबंकी और बहराइच के बीच 4-लेन एक्सेस कंट्रोल्ड नेशनल हाईवे-927 का निर्माण किया जाएगा। इस परियोजना पर करीब 6,969.04 करोड़ रुपए खर्च होंगे। इस हाईवे के बनने से न केवल क्षेत्रीय कनेक्टिविटी बेहतर होगी, बल्कि व्यापार और परिवहन को भी बढ़ावा मिलेगा।

सरकार ने ऊर्जा क्षेत्र में भी एक अहम फैसला लिया है। नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए 2,585 करोड़ रुपए की स्मॉल हाइड्रो पावर डेवलपमेंट स्कीम को मंजूरी दी गई है। इस योजना के तहत 1,500 मेगावाट क्षमता की छोटी जल विद्युत परियोजनाएं विकसित की जाएंगी।

यह परियोजनाएं ‘रन-ऑफ-द-रिवर’ मॉडल पर आधारित होंगी, जिसमें बड़े बांध बनाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। इससे पर्यावरण को कम नुकसान होगा और स्थानीय लोगों के विस्थापन से भी बचा जा सकेगा। सरकार के अनुसार, देश में 7,133 संभावित स्थान हैं जहां छोटे हाइड्रो प्रोजेक्ट्स विकसित किए जा सकते हैं, जिनकी कुल क्षमता करीब 21,000 मेगावाट है।

इस योजना से करीब 15,000 करोड़ रुपए का अतिरिक्त निवेश आकर्षित होने की उम्मीद है, जो स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन को बढ़ावा देगा और देश की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने में मदद करेगा।

किसानों के लिए भी सरकार ने राहत भरा फैसला लिया है। कपास उत्पादक किसानों को समर्थन देने के लिए सरकार ने कॉटन कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (CCI) को 1,718.56 करोड़ रुपए की फंडिंग मंजूर की है। यह फैसला न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर कपास खरीद सुनिश्चित करने के लिए लिया गया है।

CCI को इस काम के लिए नोडल एजेंसी बनाया गया है। जब बाजार में कपास की कीमत MSP से नीचे जाती है, तो CCI किसानों से उनकी पूरी उपज खरीदती है, जिससे उन्हें उचित मूल्य मिल सके।

सरकार के अनुसार, कपास देश की एक प्रमुख नकदी फसल है, जिससे करीब 60 लाख किसान जुड़े हुए हैं। इसके अलावा, टेक्सटाइल और प्रोसेसिंग इंडस्ट्री में 4 से 5 करोड़ लोगों की आजीविका इससे प्रभावित होती है।

इन सभी फैसलों से यह साफ है कि सरकार एक साथ कई क्षेत्रों—उद्योग, इंफ्रास्ट्रक्चर, ऊर्जा और कृषि—में संतुलित विकास पर जोर दे रही है। ‘BHAVYA’ योजना जहां औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देगी, वहीं हाईवे और ऊर्जा परियोजनाएं देश की बुनियादी ढांचे को मजबूत करेंगी।

Written By

Chanchal Rathore

Desk Reporter

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