सपा नेता आईपी सिंह पर FIR:CM योगी पर पोस्ट से मचा बवाल, बोले- सरकार आपकी है, फांसी दे दीजिए

उत्तर प्रदेश: की राजधानी लखनऊ में समाजवादी पार्टी (सपा) के नेता और पूर्व राज्यमंत्री आईपी सिंह एक बार फिर विवादों में घिर गए हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक पोस्ट साझा करने के आरोप में उनके खिलाफ FIR दर्ज की गई है। इस मामले ने प्रदेश की राजनीति को गरमा दिया है और सोशल मीडिया पर भी तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।

यह FIR लखनऊ के हजरतगंज कोतवाली में दर्ज की गई है। शिकायतकर्ता धर्म सिंह ने आरोप लगाया है कि आईपी सिंह ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म (एक्स) पर मुख्यमंत्री की तस्वीर के साथ एक एडिटेड और आपत्तिजनक वीडियो पोस्ट किया। शिकायत के अनुसार, इस पोस्ट से जनभावनाएं आहत हुई हैं और सामाजिक सौहार्द पर नकारात्मक असर पड़ सकता है।

मामले में दर्ज शिकायत में कहा गया है कि वीडियो को इस तरह से एडिट किया गया था कि मुख्यमंत्री की छवि को गलत तरीके से प्रस्तुत किया जा सके। इसके साथ ही पोस्ट में आरक्षण, भर्ती घोटाले और जातिगत मुद्दों को जोड़ते हुए गंभीर आरोप लगाए गए थे। शिकायतकर्ता का कहना है कि यह कंटेंट न केवल भ्रामक है बल्कि समाज में भ्रम और तनाव पैदा कर सकता है।

FIR दर्ज होने के बाद आईपी सिंह ने एक और पोस्ट कर अपने रुख को और तीखा कर दिया। उन्होंने लिखा, “सरकार आपकी है, एक मीम डालने पर फांसी पर चढ़ा दीजिए।” उनके इस बयान ने विवाद को और बढ़ा दिया है और इसे लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई है।

पुलिस ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं—196, 299, 356, 352, 353 और 67—के तहत केस दर्ज किया है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मामले की जांच की जा रही है और सोशल मीडिया पर वायरल कंटेंट की भी जांच की जाएगी। यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

शिकायतकर्ता ने अपने प्रार्थना पत्र में यह भी कहा है कि इस प्रकार के भड़काऊ कंटेंट से विभिन्न वर्गों और समुदायों के बीच वैमनस्य फैल सकता है। उन्होंने इसे प्रदेश की कानून-व्यवस्था के लिए खतरा बताते हुए सख्त कार्रवाई की मांग की है।

आईपी सिंह का विवादों से यह पहला नाता नहीं है। इससे पहले भी वे कई बार अपने बयानों और सोशल मीडिया पोस्ट के कारण चर्चा में रह चुके हैं। वर्ष 2020 में उनके खिलाफ अपहरण और जबरन वसूली का मामला दर्ज हुआ था। आरोप था कि उन्होंने एक व्यापारी नेता से लाखों रुपये की वसूली की। इस मामले में कानूनी प्रक्रिया भी आगे बढ़ी थी।

इसके अलावा 2022 में बलरामपुर कोर्ट में पेशी के दौरान उनकी तबीयत बिगड़ने की घटना भी चर्चा में रही थी। कोर्ट में उनकी जमानत याचिका खारिज होने के बाद अचानक उनकी तबीयत खराब हो गई थी, जिससे वहां अफरा-तफरी का माहौल बन गया था।

राजनीतिक रूप से भी आईपी सिंह का सफर उतार-चढ़ाव भरा रहा है। वर्ष 2019 में उन्होंने एक आपत्तिजनक पोस्ट को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) से निष्कासन का सामना किया था। इसके बाद उन्होंने समाजवादी पार्टी का दामन थाम लिया और पार्टी में सक्रिय भूमिका निभाने लगे। सपा में शामिल होने के बाद भी वे लगातार भाजपा और सरकार के खिलाफ आक्रामक रुख अपनाते रहे हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि सोशल मीडिया के इस दौर में नेताओं के बयान और पोस्ट तुरंत वायरल हो जाते हैं, जिससे उनका असर भी तेजी से फैलता है। ऐसे में राजनीतिक दलों और नेताओं को अपने शब्दों और अभिव्यक्ति को लेकर अधिक जिम्मेदारी बरतने की जरूरत है।

वहीं, इस पूरे मामले को लेकर प्रदेश की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है। एक ओर जहां भाजपा इस मामले को कानून-व्यवस्था और सामाजिक सौहार्द से जोड़कर देख रही है, वहीं सपा समर्थक इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के मुद्दे से जोड़ रहे हैं।

आईपी सिंह के खिलाफ दर्ज FIR ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि सोशल मीडिया पर राजनीतिक अभिव्यक्ति की सीमा क्या होनी चाहिए। आने वाले दिनों में पुलिस जांच और राजनीतिक प्रतिक्रियाएं इस मामले की दिशा तय करेंगी।

Written By

Chanchal Rathore

Desk Reporter

Related News

All Rights Reserved & Copyright © 2015 By HP NEWS. Powered by Ui Systems Pvt. Ltd.

BREAKING NEWS
चक्रवात अर्नब की ताजा अपडेट: कमजोर पड़ा चक्रवात अर्नब, राजस्थान से बिहार तक मौसम का अलर्ट; अंडमान सागर में नया सिस्टम सक्रिय | चुनाव आयोग का बड़ा फैसला: दिल्ली, महाराष्ट्र समेत 6 राज्यों में SIR की समयसीमा बढ़ाई, जानिए नई तारीखें | RSS के गढ़ नागपुर में कांग्रेस की जीत से BJP को झटका, पुणे में भी हारी; जानिए कहां बिगड़ा चुनावी गणित | भूटान में ग्लेशियर झील फटी, गासा का मशहूर गर्म पानी का कुंड बहा; भारत में बाढ़ का खतरा, बंगाल में 10 हजार लोग सुरक्षित स्थानों पर भेजे गए | मोदी नहीं, 'ओदी' कहिए... ज्ञानेश कुमार का नाम भी बदला, CJP नेता आशुतोष रांका ने समर्थकों को सिखाई कोड लैंग्वेज | गजराज राव बोले- ‘बधाई हो’ मेरे लिए ‘शोले’ जैसी, इस फिल्म ने बदल दी जिंदगी; जयपुर की कचौरी-मिठाइयों के भी मुरीद | सुप्रीम कोर्ट ने पाकिस्तानी जासूसी के आरोपी झबरा राम की जमानत रद्द की, दो सप्ताह में सरेंडर करने का आदेश | राजस्थान पंचायत चुनाव: दूसरे चरण में 65.15% मतदान, 2019 के मुकाबले 1.59 प्रतिशत की बढ़ोतरी | चक्रवात ‘अर्नब’ का कहर: आंध्र प्रदेश-ओडिशा में 5 मौतें, राजस्थान समेत 15 राज्यों में बारिश का अलर्ट | आज का पंचांग 29 अक्टूबर 2026: आज करवा चौथ पर दिल्ली में रात 8:17 बजे निकलेगा चांद, जयपुर-मुंबई समेत जानें चंद्रोदय का समय |