होटलों में सरकारी बैठकों पर बड़ा बैन! अब बिना मंजूरी नहीं होगा आयोजन, मुख्य सचिव का सख्त आदेश

जयपुर: में सरकारी कामकाज से जुड़ा एक बड़ा प्रशासनिक फैसला सामने आया है, जिसने विभागों और अधिकारियों के काम करने के तरीके को सीधे प्रभावित किया है। मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास द्वारा जारी एक सख्त सर्कुलर के तहत अब सरकारी बैठकों, सेमिनार, प्रदर्शनियों और समारोहों को होटलों और निजी स्थानों पर आयोजित करने पर रोक लगा दी गई है। यह फैसला सरकारी खर्चों पर नियंत्रण और संसाधनों के बेहतर उपयोग को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।

सरकारी भवनों में ही होंगे आयोजन

नए निर्देशों के अनुसार, सभी सरकारी विभागों, निगमों, स्वायत्तशासी संस्थाओं और सार्वजनिक उपक्रमों को यह सुनिश्चित करना होगा कि वे अपने कार्यक्रम सरकारी भवनों में ही आयोजित करें। इसमें ऑडिटोरियम, कॉन्फ्रेंस हॉल और अन्य सरकारी संस्थानों के उपलब्ध संसाधनों का अधिकतम उपयोग करने पर जोर दिया गया है।

सरकार का मानना है कि अक्सर होटलों और निजी स्थानों पर आयोजित होने वाले कार्यक्रमों में अनावश्यक खर्च होता है, जिसे रोका जा सकता है। सरकारी भवनों में पहले से उपलब्ध सुविधाओं का उपयोग करने से न केवल खर्च कम होगा, बल्कि पारदर्शिता भी बढ़ेगी।

प्राइवेट जगह के लिए मंजूरी अनिवार्य

हालांकि, सर्कुलर में यह भी स्पष्ट किया गया है कि यदि किसी विशेष परिस्थिति में होटल या प्राइवेट स्थान पर आयोजन करना अत्यंत आवश्यक हो, तो इसके लिए एक उच्च स्तरीय कमेटी से मंजूरी लेनी होगी।

यह कमेटी मुख्य सचिव की अध्यक्षता में गठित की गई है, जिसमें वित्त विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) के प्रमुख सचिव और संबंधित विभाग के अधिकारी शामिल होंगे। बिना इस कमेटी की अनुमति के कोई भी विभाग निजी स्थान पर कार्यक्रम आयोजित नहीं कर सकेगा।

इन संस्थानों को प्राथमिकता देने के निर्देश

सर्कुलर में विशेष रूप से कुछ सरकारी संस्थानों का उल्लेख किया गया है, जहां कार्यक्रम आयोजित करने की सुविधा उपलब्ध है। इनमें राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर (RIC), कॉन्स्टिट्यूशन क्लब, इंदिरा गांधी पंचायतीराज संस्थान (IGPRS), हरिश्चंद्र माथुर राजस्थान राज्य लोक प्रशासन संस्थान (HCM RIPA) और राज्य कृषि प्रबंधन संस्थान (SIAM) दुर्गापुरा शामिल हैं।

इन संस्थानों को प्राथमिकता देने के पीछे उद्देश्य यह है कि सरकारी इंफ्रास्ट्रक्चर का पूरा उपयोग हो और विभागों को बेहतर और सस्ती सुविधाएं मिल सकें।

खर्च नियंत्रण और पारदर्शिता पर जोर

सरकार के इस फैसले को वित्तीय अनुशासन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। लंबे समय से यह शिकायतें मिल रही थीं कि कई विभाग बिना जरूरत के महंगे होटलों में कार्यक्रम आयोजित कर रहे हैं, जिससे सरकारी खजाने पर अतिरिक्त बोझ पड़ता है।

नई गाइडलाइन के लागू होने के बाद ऐसे खर्चों पर रोक लगेगी और विभागों को अधिक जिम्मेदारी के साथ योजना बनानी होगी।

अधिकारियों और विभागों पर असर

इस फैसले का सीधा असर सरकारी अधिकारियों और विभागों पर पड़ेगा, जिन्हें अब अपनी बैठकों और कार्यक्रमों की योजना पहले से अधिक व्यवस्थित तरीके से बनानी होगी। साथ ही, उन्हें यह भी सुनिश्चित करना होगा कि सभी नियमों का पालन किया जाए, अन्यथा प्रशासनिक कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है।

आगे क्या होगा?

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इस सर्कुलर का सही तरीके से पालन किया गया, तो इससे सरकारी खर्च में उल्लेखनीय कमी आएगी और संसाधनों का बेहतर उपयोग संभव होगा। हालांकि, कुछ मामलों में जहां विशेष सुविधाओं की जरूरत होती है, वहां मंजूरी प्रक्रिया थोड़ी जटिल हो सकती है।


निष्कर्ष:

सरकार का यह फैसला प्रशासनिक सुधार और वित्तीय अनुशासन की दिशा में एक बड़ा कदम है। सरकारी बैठकों को निजी स्थानों से हटाकर सरकारी संस्थानों में लाने से न केवल खर्च पर नियंत्रण होगा, बल्कि पारदर्शिता और जवाबदेही भी बढ़ेगी। आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि इस सख्ती का जमीनी स्तर पर कितना असर पड़ता है।

Written By

Chanchal Rathore

Desk Reporter

Related News

All Rights Reserved & Copyright © 2015 By HP NEWS. Powered by Ui Systems Pvt. Ltd.

BREAKING NEWS
अर्नब चक्रवात का असर: राजस्थान में बारिश के साथ गिरे ओले, उत्तराखंड में बर्फबारी; ओडिशा में बाढ़-भूस्खलन से 3 की मौत | खाटूश्याम बाबा के दर्शन साढ़े 19 घंटे रहेंगे बंद, दीपावली पर मंदिर में होगी साफ-सफाई; जानें नया शेड्यूल | राजस्थान पंचायत चुनाव परिणाम: नीमकाथाना की 39 ग्राम पंचायतों में सरपंचों के नतीजे घोषित, सिरोही में सबसे बड़ी जीत | सरदार पटेल की 151वीं जयंती पर अमित शाह ने दी श्रद्धांजलि, बोले- 2029 तक देश को नशामुक्त बनाने का लक्ष्य | सरदार पटेल की 151वीं जयंती पर जयपुर में ‘रन फॉर यूनिटी’, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने दिलाई एकता की शपथ | चक्रवात अर्नब की ताजा अपडेट: कमजोर पड़ा चक्रवात अर्नब, राजस्थान से बिहार तक मौसम का अलर्ट; अंडमान सागर में नया सिस्टम सक्रिय | चुनाव आयोग का बड़ा फैसला: दिल्ली, महाराष्ट्र समेत 6 राज्यों में SIR की समयसीमा बढ़ाई, जानिए नई तारीखें | RSS के गढ़ नागपुर में कांग्रेस की जीत से BJP को झटका, पुणे में भी हारी; जानिए कहां बिगड़ा चुनावी गणित | भूटान में ग्लेशियर झील फटी, गासा का मशहूर गर्म पानी का कुंड बहा; भारत में बाढ़ का खतरा, बंगाल में 10 हजार लोग सुरक्षित स्थानों पर भेजे गए | मोदी नहीं, 'ओदी' कहिए... ज्ञानेश कुमार का नाम भी बदला, CJP नेता आशुतोष रांका ने समर्थकों को सिखाई कोड लैंग्वेज |