छत से दिखा खौफनाक मंजर! हिंडौन सिटी की गली में घुसा लेपर्ड, 3 सेकेंड में हुआ गायब, गोदाम में छिपा—रेस्क्यू ऑपरेशन जारी

राजस्थान: के करौली जिले के हिंडौन सिटी में शुक्रवार सुबह एक ऐसी घटना हुई जिसने पूरे इलाके में दहशत फैला दी। आबादी क्षेत्र की संकरी गलियों में अचानक एक लेपर्ड दिखाई देने से लोग सन्न रह गए। घटना सुबह करीब 11 बजे की बताई जा रही है, जब भायलापुरा निवासी दीपक अपनी छत पर खड़े थे और उन्होंने नीचे गली में एक लेपर्ड को घूमते देखा।

कुछ ही सेकेंड में यह खबर आग की तरह फैल गई। लोगों में अफरा-तफरी मच गई और देखते ही देखते भीड़ जमा हो गई। सूचना मिलते ही कोतवाली थाना पुलिस और वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया।


छत से दिखा लेपर्ड, 3 सेकेंड में हुआ ओझल

दीपक ने बताया कि वे अपनी छत पर खड़े थे, तभी बैठक वाले हनुमान मंदिर के पास की गली में उन्हें एक लेपर्ड दिखाई दिया। पहले तो उन्हें अपनी आंखों पर विश्वास नहीं हुआ, लेकिन जब जानवर ने तेजी से गली पार की तो उन्होंने शोर मचाया।

दीपक के अनुसार, लेपर्ड महज तीन सेकेंड में लगभग 300 मीटर की दूरी तय कर रामद्वारा की ओर भाग गया। इस दौरान कुछ लोगों ने मोबाइल से वीडियो भी बना लिया। वीडियो में लेपर्ड की फुर्ती साफ दिखाई दे रही है।


गोदाम में छिपा लेपर्ड, मालिक ने बंद किया दरवाजा

रामद्वारा के पास स्थित जैतवाल स्टील के गोदाम में लेपर्ड के घुसने की जानकारी सामने आई। गोदाम मालिक दीपक जैतवाल ने बताया कि जब वे सुबह दुकान खोलकर गोदाम पहुंचे तो कुछ बक्से बिखरे हुए दिखे। जमीन पर जानवर के पंजों के निशान नजर आए।

उन्होंने आगे बढ़कर देखा तो एक बक्से के पीछे लेपर्ड की पूंछ दिखाई दी। थोड़ा पास जाकर देखा तो लेपर्ड अंदर लेटा हुआ था। स्थिति को समझते हुए उन्होंने तुरंत बाहर आकर गोदाम का दरवाजा बंद कर दिया, ताकि लेपर्ड बाहर न निकल सके।

यह कदम बेहद अहम साबित हुआ, क्योंकि इससे लेपर्ड को सीमित क्षेत्र में रोके रखना संभव हुआ।


भीड़ जुटी, लाठी-डंडे लेकर पहुंचे लोग

लेपर्ड दिखने की खबर मिलते ही आसपास के लोग लाठी-डंडे लेकर मौके पर पहुंच गए। हालांकि पुलिस और वन विभाग ने लोगों से दूरी बनाए रखने और किसी भी तरह की अफवाह से बचने की अपील की।

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए करौली जिले के पुलिस अधीक्षक Lokesh Sonwal और डीएसपी मुनेश मीना भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था संभाली और रेस्क्यू ऑपरेशन की निगरानी की।


पुलिस और वन विभाग की संयुक्त कार्रवाई

कोतवाली थाना प्रभारी महेंद्र सिंह ने बताया कि सुबह 11 बजे सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंच गई थी। वन विभाग को तत्काल सूचना दी गई और रेस्क्यू टीम को बुलाया गया।

वन विभाग की टीम ने गोदाम के आसपास बैरिकेडिंग की और भीड़ को दूर हटाया। विशेषज्ञों ने ट्रैंक्विलाइज़र गन और पिंजरे की व्यवस्था की। कोशिश यह है कि लेपर्ड को बिना नुकसान पहुंचाए सुरक्षित तरीके से पकड़कर जंगल क्षेत्र में छोड़ा जाए।


आबादी क्षेत्र में लेपर्ड क्यों पहुंचा?

वन्यजीव विशेषज्ञों का मानना है कि जंगल क्षेत्रों में भोजन और पानी की कमी, या फिर प्राकृतिक आवास में हस्तक्षेप के कारण लेपर्ड अक्सर आबादी क्षेत्रों की ओर रुख कर लेते हैं।

हिंडौन सिटी के आसपास के क्षेत्र में कुछ वन क्षेत्र मौजूद हैं। संभावना है कि लेपर्ड भोजन की तलाश में शहर की ओर आ गया हो। हालांकि वन विभाग इसकी विस्तृत जांच करेगा।


लोगों में दहशत, लेकिन प्रशासन ने की अपील

घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल है। कई घरों के लोग अपने दरवाजे बंद कर अंदर रहे। स्कूलों और दुकानों में भी सतर्कता बरती गई।

प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें, भीड़ न लगाएं और वन विभाग के निर्देशों का पालन करें। लेपर्ड को उकसाने या उस पर हमला करने की कोशिश से स्थिति और खतरनाक हो सकती है।


पहले भी सामने आए हैं ऐसे मामले

राजस्थान के विभिन्न जिलों में समय-समय पर लेपर्ड के आबादी क्षेत्रों में घुसने की घटनाएं सामने आती रही हैं। तेजी से बढ़ते शहरीकरण और जंगलों के सिकुड़ने से वन्यजीवों का मानव बस्तियों की ओर आना एक गंभीर चुनौती बनता जा रहा है।

विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मामलों में त्वरित और समन्वित कार्रवाई बेहद जरूरी होती है, ताकि मानव और वन्यजीव दोनों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।


रेस्क्यू ऑपरेशन जारी

खबर लिखे जाने तक वन विभाग की टीम गोदाम के भीतर लेपर्ड को पकड़ने की कोशिश में जुटी हुई थी। आसपास के क्षेत्र को खाली कराया गया है और पुलिस बल तैनात है।

यदि लेपर्ड को सुरक्षित तरीके से पकड़ लिया जाता है, तो उसे निकटवर्ती वन क्षेत्र में छोड़ने की योजना है।


निष्कर्ष:

हिंडौन सिटी की इस घटना ने एक बार फिर मानव और वन्यजीव संघर्ष की समस्या को उजागर कर दिया है। एक ओर जहां आबादी क्षेत्र में लेपर्ड का आना लोगों के लिए खौफनाक अनुभव रहा, वहीं दूसरी ओर यह प्राकृतिक संतुलन और वन संरक्षण की आवश्यकता की याद भी दिलाता है।

प्रशासन और वन विभाग की सतर्कता से उम्मीद है कि लेपर्ड को सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया जाएगा और किसी भी प्रकार की जनहानि नहीं होगी।

Written By

Chanchal Rathore

Desk Reporter

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