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उत्तर प्रदेश: में कानून व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने की दिशा में राज्य सरकार लगातार नए कदम उठा रही है। इसी कड़ी में मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने शुक्रवार को लखनऊ के लोकभवन सभागार में आयोजित कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश पुलिस को 50 क्विक रिस्पॉन्स टीम (QRT) दोपहिया वाहनों की सौगात दी। इन वाहनों को होंडा इंडिया फाउंडेशन की ओर से पुलिस विभाग को प्रदान किया गया है।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने इन वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया और कहा कि शासन, प्रशासन और उद्योग जगत का यह सहयोग प्रदेश के विकास और सुरक्षा को नई मजबूती प्रदान कर रहा है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में विकास की पहली शर्त सुरक्षा है और पुलिस विभाग ने इस दिशा में उल्लेखनीय काम किया है।


यूपी की कानून व्यवस्था में आया बड़ा बदलाव

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में कहा कि वर्ष 2017 से पहले उत्तर प्रदेश को अराजकता, दंगों और कर्फ्यू के लिए जाना जाता था। लेकिन पिछले कुछ वर्षों में पुलिस सुधार और मजबूत कानून व्यवस्था के कारण राज्य की छवि पूरी तरह बदल चुकी है।

उन्होंने कहा कि आज उत्तर प्रदेश को सुरक्षित राज्य के रूप में पहचाना जा रहा है। यही कारण है कि देश और दुनिया के बड़े निवेशक अब यहां निवेश करने में रुचि दिखा रहे हैं।


पुलिस के संसाधनों में हुआ बड़ा इजाफा

मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्ष 2017 में पुलिस के पास केवल 9,500 पुलिस रिस्पॉन्स व्हीकल (PRV) थे, जो अब बढ़कर 15,500 से अधिक हो गए हैं। इसी तरह उस समय पुलिस विभाग के पास लगभग 3,000 दोपहिया वाहन थे, जिनकी संख्या अब 9,200 से ज्यादा हो चुकी है।

उन्होंने कहा कि वाहनों की यह बढ़ती संख्या केवल आंकड़े नहीं हैं, बल्कि इससे पुलिस का रिस्पॉन्स टाइम कम हुआ है और आपात स्थिति में लोगों को जल्दी मदद मिल रही है।


मॉडल पुलिसिंग के तीन अहम स्तंभ

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री Narendra Modi ने मॉडल पुलिसिंग के तीन प्रमुख स्तंभ बताए हैं—इंफ्रास्ट्रक्चर, टेक्नोलॉजी और मोबिलिटी। उत्तर प्रदेश सरकार इन तीनों क्षेत्रों में तेजी से काम कर रही है।

उन्होंने बताया कि पहले पुलिस विभाग का बजट करीब 16 हजार करोड़ रुपये तक ही सीमित था और वह भी पूरी तरह खर्च नहीं हो पाता था। कई जिलों में पुलिस लाइन और मुख्यालय तक नहीं बने थे।


पुलिसकर्मियों को मिल रही बेहतर सुविधाएं

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले पुलिसकर्मी टूटे-फूटे बैरकों में रहने को मजबूर थे और उनके पास पर्याप्त संसाधन भी नहीं थे। लेकिन अब स्थिति पूरी तरह बदल चुकी है।

उन्होंने बताया कि आज प्रदेश के 55 जिलों में पुलिसकर्मियों के लिए आधुनिक और बहुमंजिला बैरक बनाए गए हैं। इन भवनों में बेहतर आवासीय सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं।

इसके साथ ही प्रदेश में लगातार मॉडल थानों और आधुनिक फायर स्टेशनों का निर्माण भी किया जा रहा है।


पुलिस प्रशिक्षण क्षमता में हुआ बड़ा विस्तार

मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्ष 2017 में उत्तर प्रदेश में पुलिस प्रशिक्षण की क्षमता बेहद सीमित थी। उस समय एक साथ केवल 3,000 पुलिसकर्मियों को प्रशिक्षण दिया जा सकता था।

लेकिन अब सरकार ने नए प्रशिक्षण केंद्र स्थापित किए हैं और प्रशिक्षण क्षमता को काफी बढ़ा दिया गया है। इसी का परिणाम है कि हाल ही में भर्ती किए गए 60,244 पुलिस कांस्टेबलों को प्रदेश के अपने प्रशिक्षण केंद्रों में ही प्रशिक्षण दिया जा रहा है।


फॉरेंसिक सुविधाओं को भी किया गया मजबूत

मुख्यमंत्री ने कहा कि नए आपराधिक कानूनों के लागू होने के बाद फॉरेंसिक साक्ष्यों की भूमिका और महत्वपूर्ण हो गई है। पहले उत्तर प्रदेश में केवल दो फॉरेंसिक लैब थीं, लेकिन अब इनकी संख्या बढ़कर 12 हो चुकी है।

इसके साथ ही प्रदेश में एक विश्वस्तरीय स्टेट फॉरेंसिक इंस्टीट्यूट की स्थापना भी की गई है। यहां पुलिसकर्मियों के साथ-साथ युवाओं को भी फॉरेंसिक विज्ञान से जुड़े प्रशिक्षण और कोर्स उपलब्ध कराए जा रहे हैं।

सरकार ने हर जिले में दो-दो मोबाइल फॉरेंसिक यूनिट भी तैनात की हैं, जो घटनास्थल पर पहुंचकर साक्ष्य जुटाने में मदद करती हैं।


पुलिस बल में ऐतिहासिक भर्ती

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बताया कि पिछले कुछ वर्षों में प्रदेश में 2 लाख 19 हजार से अधिक पुलिसकर्मियों की भर्ती की गई है। यह अपने आप में एक बड़ी उपलब्धि है।

उन्होंने कहा कि पहले पुलिस बल की कमी के कारण कई चुनौतियों का सामना करना पड़ता था, लेकिन अब उत्तर प्रदेश पुलिस हर बड़ी चुनौती से निपटने में सक्षम है।

आज उत्तर प्रदेश पुलिस और पीएसी की मांग अन्य राज्यों में भी की जा रही है।


निष्कर्ष:

उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा पुलिस आधुनिकीकरण और संसाधनों को मजबूत करने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों का असर साफ दिखाई दे रहा है। पुलिस के वाहनों, प्रशिक्षण, तकनीक और इंफ्रास्ट्रक्चर में हुए सुधारों ने राज्य की कानून व्यवस्था को मजबूत बनाया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का कहना है कि सुरक्षित वातावरण ही विकास की नींव है और इसी दिशा में उत्तर प्रदेश लगातार आगे बढ़ रहा है।

Written By

Chanchal Rathore

Desk Reporter

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