14 साल की बच्ची से दुष्कर्म के दोषी को 20 साल की सजा! DNA रिपोर्ट बनी सबसे बड़ा सबूत, दौसा पॉक्सो कोर्ट का सख्त फैसला

दौसा। न्याय के मंदिर में जब कानून का हथौड़ा चलता है, तो अपराधी का हर झूठ रेत के महल की तरह ढह जाता है। राजस्थान के दौसा जिले की पॉक्सो कोर्ट ने एक ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए नाबालिग से दुष्कर्म के दोषी को ऐसी सजा दी है, जो समाज के लिए नजीर बनेगी। न्यायाधीश रेखा राठौड़ ने मामले की गंभीरता और वैज्ञानिक साक्ष्यों को आधार मानते हुए दोषी को 20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही, दोषी पर 1 लाख 10 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है।

घटना की काली रात: जब उजड़ गई एक मासूम की दुनिया

यह मामला 21 अप्रैल 2024 की दरम्यानी रात का है। जब पूरा गांव गहरी नींद में था, तब एक दरिंदे ने इंसानियत को शर्मसार करने वाली साजिश रची। परिवादी (पीड़िता के पिता) द्वारा दर्ज कराई गई रिपोर्ट के अनुसार, रात करीब 2 से 3 बजे के बीच आरोपी ने उसकी 14 वर्षीय नाबालिग बेटी को बहला-फुसलाकर घर से अगवा कर लिया। पिता ने अपनी रिपोर्ट में अंदेशा जताया था कि आरोपी उसकी बेटी के साथ कोई अनहोनी कर सकता है। पुलिस ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए तत्काल पॉक्सो एक्ट और अपहरण की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की थी।

अभियोजन पक्ष की पुख्ता तैयारी: 25 गवाह और 53 दस्तावेज

दौसा पुलिस ने इस मामले में तत्परता दिखाते हुए आरोपी को गिरफ्तार किया और गहन छानबीन के बाद कोर्ट में चालान पेश किया। अदालत में सुनवाई के दौरान विशिष्ट लोक अभियोजक जितेन्द्र कुमार सैनी ने अभियोजन पक्ष की ओर से प्रभावी पैरवी की। सरकारी वकील ने कोर्ट के सामने 25 गवाहों के बयान दर्ज करवाए और 53 महत्वपूर्ण दस्तावेज साक्ष्य के रूप में पेश किए। अभियोजन ने तर्क दिया कि यह अपराध न केवल एक बच्ची के विरुद्ध है, बल्कि पूरे समाज की सुरक्षा पर प्रहार है।

FSL और DNA रिपोर्ट: वो सबूत जिसे काटा नहीं जा सका

इस पूरे केस का टर्निंग पॉइंट एफएसएल (FSL) और डीएनए (DNA) रिपोर्ट रही। अक्सर गवाह अपनी बातों से मुकर जाते हैं, लेकिन विज्ञान झूठ नहीं बोलता। कोर्ट में पेश की गई डीएनए रिपोर्ट ने वैज्ञानिक रूप से यह सिद्ध कर दिया कि आरोपी ही उस रात वारदात स्थल पर मौजूद था और उसने ही पीड़िता के साथ दुष्कर्म किया था। न्यायाधीश रेखा राठौड़ ने अपने फैसले में स्पष्ट किया कि डीएनए रिपोर्ट पॉजिटिव आना इस बात का अकाट्य प्रमाण है कि आरोपी ने ही इस घृणित कृत्य को अंजाम दिया है।

कोर्ट का कड़ा रुख और सजा का ऐलान

अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और रिकॉर्ड पर उपलब्ध वैज्ञानिक साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद आरोपी को दोषी करार दिया। कोर्ट ने माना कि पीड़िता की कम उम्र और आरोपी द्वारा किए गए कृत्य के बीच कोई सहानुभूति नहीं बरती जा सकती। दोषी को 20 साल के कठोर कारावास की सजा के साथ-साथ आर्थिक दंड से भी दंडित किया गया, ताकि पीड़ित परिवार को कुछ सहायता मिल सके।


निष्कर्ष

दौसा पॉक्सो कोर्ट का यह फैसला यह संदेश देता है कि भले ही अपराधी कितना भी शातिर क्यों न हो, कानून के लंबे हाथ और आधुनिक विज्ञान (DNA तकनीक) उसे बच निकलने का मौका नहीं देंगे। 20 साल की जेल की यह सजा उन लोगों के लिए चेतावनी है जो मासूमों की सुरक्षा से खिलवाड़ करने की जुर्रत करते हैं।

Written By

Chanchal Rathore

Desk Reporter

Related News

All Rights Reserved & Copyright © 2015 By HP NEWS. Powered by Ui Systems Pvt. Ltd.

BREAKING NEWS
चक्रवात अर्नब की ताजा अपडेट: कमजोर पड़ा चक्रवात अर्नब, राजस्थान से बिहार तक मौसम का अलर्ट; अंडमान सागर में नया सिस्टम सक्रिय | चुनाव आयोग का बड़ा फैसला: दिल्ली, महाराष्ट्र समेत 6 राज्यों में SIR की समयसीमा बढ़ाई, जानिए नई तारीखें | RSS के गढ़ नागपुर में कांग्रेस की जीत से BJP को झटका, पुणे में भी हारी; जानिए कहां बिगड़ा चुनावी गणित | भूटान में ग्लेशियर झील फटी, गासा का मशहूर गर्म पानी का कुंड बहा; भारत में बाढ़ का खतरा, बंगाल में 10 हजार लोग सुरक्षित स्थानों पर भेजे गए | मोदी नहीं, 'ओदी' कहिए... ज्ञानेश कुमार का नाम भी बदला, CJP नेता आशुतोष रांका ने समर्थकों को सिखाई कोड लैंग्वेज | गजराज राव बोले- ‘बधाई हो’ मेरे लिए ‘शोले’ जैसी, इस फिल्म ने बदल दी जिंदगी; जयपुर की कचौरी-मिठाइयों के भी मुरीद | सुप्रीम कोर्ट ने पाकिस्तानी जासूसी के आरोपी झबरा राम की जमानत रद्द की, दो सप्ताह में सरेंडर करने का आदेश | राजस्थान पंचायत चुनाव: दूसरे चरण में 65.15% मतदान, 2019 के मुकाबले 1.59 प्रतिशत की बढ़ोतरी | चक्रवात ‘अर्नब’ का कहर: आंध्र प्रदेश-ओडिशा में 5 मौतें, राजस्थान समेत 15 राज्यों में बारिश का अलर्ट | आज का पंचांग 29 अक्टूबर 2026: आज करवा चौथ पर दिल्ली में रात 8:17 बजे निकलेगा चांद, जयपुर-मुंबई समेत जानें चंद्रोदय का समय |