बांसवाड़ा अपर हाई लेवल कैनाल परियोजना में भूमि अधिग्रहण की बाधाएं

बांसवाड़ा। बांसवाड़ा जिले के 308 गांवों को सिंचित करने के उद्देश्य से चल रही 2500 करोड़ की लागत वाली अपर हाई लेवल कैनाल परियोजना वर्तमान में भूमि अधिग्रहण की समस्याओं के कारण धीमी गति से आगे बढ़ रही है। परियोजना में कुल 78 गांवों में भूमि का अधिग्रहण होना है, लेकिन वर्तमान में केवल 67 गांवों का ही अवार्ड जारी हो पाया है। चेक वितरण की प्रक्रिया अधूरी होने के कारण भूमि अधिग्रहण कार्य फिलहाल रुका हुआ है।

जमाबंदी में खातेदारों के अधिक नाम होने और उनमें सहमति न बनने के कारण सिंचाई विभाग के अधिकारी गांव-गांव जाकर किसानों से मुआवजा वितरण और सहमति बनाने का प्रयास कर रहे हैं। परियोजना के कैनाल जाल का केवल 40 प्रतिशत ही कार्य पूरा हो पाया है।

अपर हाई लेवल कैनाल परियोजना के तहत जिले की 6 तहसीलों के 308 नॉन-कमांड गांवों को पानी उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे 42,000 हेक्टेयर भूमि सिंचित होगी। इसमें बांसवाड़ा, बागीदौरा, कुशलगढ़, सज्जनगढ़, गागरतलाई और आनंदपुरी ब्लॉक शामिल हैं। वर्तमान में इन गांवों की खेती पूरी तरह से बारिश पर निर्भर है। नहर बनने के बाद किसानों को वर्षभर सिंचाई का पानी उपलब्ध होगा।

अब तक परियोजना के तहत टनल और विभिन्न संरचनाओं जैसे एकोडक्ट, साइफन, टनल और ओपन कैनाल सहित लगभग 36 किमी (36,000 मीटर) नहर का निर्माण पूरा हुआ है। इसमें चार टनल का 1200 मीटर लंबाई में कार्य पूरा किया जा चुका है। विभाग के अनुसार कैनाल कार्य की प्रगति लगभग 36 से 37 प्रतिशत है।

प्रत्येक खसरे में अधिक खातेदारों के कारण मुआवजा वितरण में समस्याएं आ रही हैं। अधिशाषी अभियंता कमलेश मीणा के अनुसार अधिकारियों की टीम गांवों में घूमकर किसानों की सहमति बनाने और अवार्ड जारी करने में लगी हुई है।

परियोजना का सारांश:

  • कुल लागत: 2500 करोड़ रुपए
  • नहर निर्माण कार्यादेश: 2248 करोड़ रुपए
  • नहर की लंबाई: 102.38 किलोमीटर
  • कार्य प्रारंभ: 22 मई 2023
  • कार्य पूर्ण होने की तिथि: 21 नवंबर 2026
  • भूमि अधिग्रहण: 78 गांवों की जमीन में से 67 का अवार्ड जारी
  • निर्माण में टनल: 4 टनल, 1200 मीटर लंबाई
  • परियोजना प्रगति: लगभग 40 प्रतिशत कार्य पूरा

इस परियोजना से बांसवाड़ा जिले में सिंचाई सुविधा में सुधार होगा, किसानों की कृषि उत्पादकता बढ़ेगी और वर्षभर पानी की उपलब्धता सुनिश्चित होगी। भूमि अधिग्रहण और मुआवजा वितरण में आने वाली बाधाओं के बावजूद परियोजना का उद्देश्य जिले के 308 गांवों को सिंचित करना और किसानों की आय में वृद्धि करना है।

Written By

Chanchal Rathore

Desk Reporter

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