जयपुर में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने स्पष्ट किया है कि पानी, बिजली, चिकित्सा, सड़क सहित जनसुविधाओं से जुड़े किसी भी कार्य में प्रशासनिक शिथिलता के कारण देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मुख्यमंत्री कार्यालय में आयोजित ‘राज उन्नति’ की छठी बैठक में उन्होंने अधिकारियों को कड़े निर्देश देते हुए कहा कि विकास परियोजनाओं में अनावश्यक विलंब पर जिम्मेदारी तय कर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने सांगानेर में सीईटीपी के पम्पिंग स्टेशन और पाइपलाइन कार्य में हो रही देरी पर नाराजगी जताई और अधिकारियों को मौके पर जाकर शीघ्र कार्य पूर्ण कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बड़ी परियोजनाओं में स्वीकृति, भूमि अधिग्रहण, निविदा प्रक्रिया और कार्यादेश जारी करने में अत्यधिक समय लग रहा है, जिसे तत्काल प्रभाव से सुधारने की आवश्यकता है।
मुख्य सचिव को निर्देश देते हुए उन्होंने सभी प्रक्रियाओं को सरल और तेज करने के लिए स्ट्रीमलाइन सिस्टम विकसित करने को कहा, ताकि परियोजनाओं का समय कम किया जा सके।
बैठक में श्रीगंगानगर में एक ही भूमि के दो पट्टे जारी होने और आरक्षित भूमि पर व्यावसायिक पट्टे जारी करने के मामले में यूआईटी सचिव सहित आधा दर्जन से अधिक कर्मचारियों को निलंबित करने के निर्देश भी दिए गए।
इसके अलावा संपर्क पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों के निस्तारण की जिलेवार रिपोर्ट तैयार करने को भी कहा गया। साथ ही खाटूश्यामजी विकास परियोजना को लेकर पर्यटन विभाग और आरएसआरडीसी को ब्लूप्रिंट के अनुसार कार्य करने के निर्देश दिए गए। इसमें डिजिटल म्यूजियम, कथा पंडाल, ओपन एयर थिएटर, लाइट एंड साउंड शो, पार्किंग और अन्य सुविधाओं का विकास शामिल है।
मुख्यमंत्री ने प्रदेश में पुराने कचरे के निस्तारण को भी प्राथमिकता देते हुए 152 नगरीय निकायों में डंपिंग साइट पर पड़े कचरे को शीघ्र हटाने के निर्देश दिए। जयपुर के लालकोठी में प्रस्तावित कर्मयोगी भवन के निर्माण कार्य को जल्द शुरू करने पर भी जोर दिया गया।
साथ ही बारां जिले की अंधेरी मध्यम सिंचाई परियोजना में देरी पर नाराजगी जताते हुए परियोजना को शीघ्र शुरू करने के निर्देश दिए गए। बैठक में ई-बस संचालन, मिशन हरियालो राजस्थान, पीएम-जनमन योजना और अन्य विकास कार्यों की भी समीक्षा की गई।
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